राहु काल का वैज्ञानिक सत्य: अखबारों का स्थिर समय गलत क्यों है?
सूर्योदय से सूर्यास्त के दिनमान को ८ समान भागों में विभाजित करने का विशुद्ध गणितीय नियम।
आज का शुद्ध राहु काल (लाइव गणना)
स्थान: नई दिल्ली (New Delhi) • दिनांक: 2026-11-06
शुद्ध स्थानीय गणना
आज सूर्योदय 06:37 AM व सूर्यास्त 05:34 PM के आधार पर दिनमान के ८ भागों की शुद्ध गणना।
शास्त्रीय समाधान एवं प्रमाण
अधिकांश प्रिंटेड कैलेंडरों में राहु काल का एक रटा-रटाया समय (जैसे सोमवार को प्रातः ७:३० से ९:००) लिखा रहता है। यह तभी सही हो सकता है जब सूर्योदय ठीक ६:०० बजे और सूर्यास्त ठीक शाम ६:०० बजे हो। वास्तव में, सूर्योदय और सूर्यास्त ऋतुओं और भौगोलिक स्थान (अक्षांश-देशांतर) के अनुसार प्रतिदिन बदलते हैं। शास्त्रीय नियम अनुसार दिनमान (सूर्यास्त - सूर्योदय) को ठीक ८ बराबर भागों में बाँटा जाता है। सोमवार को दूसरा भाग राहु काल होता है। दिल्ली, बेंगलुरु और लंदन में राहु काल का वास्तविक समय कभी एक जैसा नहीं हो सकता!
"सूर्योदयादारभ्य दिने दिने स्याद् अष्टौ भागाः क्रमतश्च तेषाम्। राहोर्भवेद् वारवशात् प्रदिष्टो भागो विवर्ज्यः शुभकर्मसिद्धौ॥"
sūryodayādārabhiya dine dine syād aṣṭau bhāgāḥ kramataśca teṣām | rāhorbhaved vāravaśāt pradiṣṭo bhāgo vivarjyaḥ śubhakarmasiddhau ||
भावार्थ: सूर्योदय से आरंभ करके प्रत्येक दिन के आठ समान भाग करने चाहिए; वार के अनुसार निर्दिष्ट राहु का भाग शुभ कार्यों में सर्वथा त्याज्य है।
खगोलीय एवं वैज्ञानिक आधार
सूर्य के उदय और अस्त के समय वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction) ३४ आर्क-मिनट और सूर्य के बिंब का अर्धव्यास १६ आर्क-मिनट (कुल ५०') जुड़ता है। वन मंदिर एप डिक्लिनेशन और समीकरण-काल (Equation of Time) को लाइव प्रोसेस करके प्रत्येक दिन के आठवें भाग की उप-सेकंड गणना करता है।
प्रचलित भ्रम व शास्त्रीय सत्य
भ्रम: 'राहु काल में सभी धार्मिक कार्य वर्जित हैं।' सत्य: नित्य कर्म (जैसे प्रातः पूजा, संध्योपासन, दैनिक दर्शन व नित्य गायत्री जप) राहु काल में भी किए जाते हैं। केवल 'काम्य कर्म' (नया व्यापार, गृह प्रवेश, विवाह, यात्रा आदि) निषिद्ध हैं।
मान्यता प्राप्त संदर्भ ग्रंथ (Authoritative Sourcing):
प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
राहु काल किस वार को किस भाग में आता है?
रविवार: ८वाँ भाग, सोमवार: २रा भाग, मंगलवार: ७वाँ भाग, बुधवार: ५वाँ भाग, गुरुवार: ६ठा भाग, शुक्रवार: ४था भाग, शनिवार: ३रा भाग।
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