राम नवमी
अयोध्यापति का प्राकट्य दिवस
कथा
चैत्र शुक्ल नवमी, मध्याह्न-काल — अयोध्या-नरेश दशरथ एवं माता कौसल्या के यहाँ श्रीराम का जन्म हुआ। पुत्रकामेष्टि यज्ञ के प्रसाद से चारों भाई — राम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न — एक साथ अवतरित हुए। यह दिन धर्म, मर्यादा एवं आदर्श का प्रतीक है।
मंत्र
ॐ श्री रामचन्द्राय नमः
श्रीरामचन्द्र को सादर नमन।
व्रत विधि
नवरात्र की पूर्णाहुति — दिनभर व्रत, मध्याह्न (12 बजे) श्रीराम जन्म आरती, रामायण/सुंदरकाण्ड पाठ। पंचामृत व पंजीरी का भोग।
भोग
पंजीरी, पंचामृत, हलवा